Chandra Grahan 2020: साल 2020 का पहला चंद्र ग्रहण आज रात को लगेगा, जानें ग्रहण और सूतक काल का समय

Chandra Grahan 2020 Date: साल का पहला चंद्र ग्रहण आज रात को लगने वाला है। जैसे हम सभी त्यौहार का इंतज़ार करते है उसकी डेट के बारे में जानकारी रखते है ठीक वैसे ही हम ग्रहण कब कैसे लगेगा इस बात का भी पूरा ध्यान देते है।

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Chandra Grahan 2020: साल 2020 का पहला चंद्र ग्रहण आज रात को लगेगा, जानें ग्रहण और सूतक काल का समय
चंद्र ग्रहण फोटो

Chandra Grahan 2020 Date: साल का पहला चंद्र ग्रहण आज रात को लगने वाला है। जैसे हम सभी त्यौहार का इंतज़ार करते है उसकी डेट के बारे में जानकारी रखते है ठीक वैसे ही हम ग्रहण कब कैसे लगेगा इस बात का भी पूरा ध्यान देते है। ग्रहण के दौरान नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव अधिक होता है, इसलिए हमेशा इस दौरान ईश्वर का ध्यान करना चाहिए। बता दे, भारत के अलावा यह ग्रहण यूरोप, अफ्रीक, एशिया और ऑस्ट्रेलिया में भी दिखाई देगा। 10 जनवरी 2020 को इस साल आने वाले साल 2020 में कुल 6 ग्रहण लगने वाले हैं। इनमें तीन चंद्र ग्रहण हैं और दो सूर्य ग्रहण हैं। दिसंबर में साल 2020 का आखिरी सूर्य ग्रहण होगा।

जानें चंद्र ग्रहण का समय और सूतक के बारे में-

आपको बता दें कि इस साल हर चंद्र ग्रहण उपछाया ग्रहण होगा। जिसमें चांद चांद पूरी तरह छिपेगा नहीं और ना ही चंद्रमा की काली छाया प्रथ्वी पर पड़ेगी। 10 जनवरी को पौष पूर्णिमा भी पड़ रही है। इसलिए स्नान ग्रहण के बाद करना शुभ होगा। भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, एशिया और अफ्रीका आदि देशों में भी दिखाई देगा।

सूतक काल का समय

आपको बता दें कि ग्रहण से करीब 12 घंटे पहले सूतक की शुरुआत हो जाती है। लेकिन इस बार सूतक काल नहीं होगा।आप किसी पंचांग या फिर किसी ज्योतिषी से पूछे तो बताएगा कि उपछाया चंद्र ग्रहण को शास्त्रों में ग्रहण की श्रेणी में नहीं रखा जाता है। जिसके कारण ग्रहण में सूतक काल नहीं लगेगा। सूतक काल न लगने के कारण न ही मंदिरों के कपाट बंद किए जाए और न ही पूजा-पाठ वर्जित होगी। इस दिन आप नॉर्मल दिन की तरीके रह सकते है।

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जाने उपछाया चंद्र ग्रहण के बारे में-

चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा सबसे पहले प्रथ्वी की उपछाया पर प्रवेश करता है। जिसे ‘चंद्र मालिन्य’ कहते है। इसके बाद चंद्रमा प्रथ्वी की वास्तविक छाया ‘भूभा’ में प्रवेश करता है। जिसे वास्तविक चंद्र ग्रहण माना जाता है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि चंद्रमा उपछाया में प्रवेश करके उपछाया शंकु से ही बाहर निकल जाता है और भूभा में प्रवेश नहीं कर पाता है। इसीकारण उपछाया के समय चंद्रमा का एक बिंब केवल धुंधला पड़ता है। जिसे नॉर्मल तरीके से नहीं देखा जा सकता है। इसलिए इसे उपछाया चंद्र ग्रहण कहते है।

Chandra Grahan 2020 Date: साल का पहला चंद्र ग्रहण इस दिन लगेगा, जानें ग्रहण और सूतक का समय

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Story Author: ampikasingh



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