Karwa Chauth 2018: जानिए आपके शहर में कितने बजे होगा चांद का दीदार

करवा चौथ पर पूरे दिन भूखी प्यासी रहकर औरतें चांद का इंतजार करती है...

करवा चौथ के व्रत में चंद्रमा की पूजा सबसे महत्वपूर्ण होती है। चांद निकलने के बाद ही शादीशुदा औरते अपना व्रत खोलती है। इसके बाद ही उनका व्रत पूरा माना जाता है। पूरे दिन भूखी प्यासी रहकर औरतें चांद का इंतजार करती है। ऐसे में हम आपको बताने जा रहे है कि आपके शहर में कब चांद निकलने वाला है। रवा चौथ का व्रत रखते हुए इस बात का जरुर ध्यान रखें कि चांद को अर्ध्य देने के बाद पति के हाथों से ही पानी पिएं। ऐसा करने से आपका और आपके पति का पवित्र रिश्ता जन्मों जनमंत्र के लिए बंधा रहता है।

करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:35 से रात 8:00 तक का है। इसके बाद सुहागनें चांद देख सकेंगी। करवा चौथ के दिन दिल्लीमें चांद 7.55 PM पर निकलेगा। वहीं, मुंबई में चांद के दर्शन सुहागिनों को 8:58 PM पर होंगे। बात करें छोटे शहरों की तो चांद अमृतसर में 8:28, इंदौर में 8:38, अजमेर में 8:39, अहमदाबाद 8:52, कानपुर 8:17 पर निकलेगा। बाकी शहरों में चांद निकलने का टाइम कुछ इस तरह से है…

देखें तस्वीर…

अंबाला- 8:25 PM
कोलकाता- 7:49 PM
करनाल- 8:24 PM
कुरुक्षेत्र- 8:25 PM
जयपुर- 8:34 PM
गाज़ियाबाद- 8:24 PM
ग्वालियर- 8:25 PM
गुड़गांव- 8:27 PM
चंडीगढ़- 8:22 PM
चेन्नई- 8:37 PM
लखनऊ- 8:13 PM
पानीपत- 8:26 PM
पटना- 7:58 PM

पूजा की सामग्री

करवा चौथ के व्रत के लिए आप कुछ दिन पहले ही सारी पूजा की सामग्री को घर में मौजूद मंदिर में रख लें। पूजा की सामग्री में – मिट्टी का ढक्कन या करवा, पानी से भरा लोटा, गंगाजल, दीपक , रुई या अगरबत्ती, चंदन, कुमकुम, रोली, फूल, कच्चा दूध, दही, देसी घी, शहद, चीनी, हल्दी, चावल, मिठाईस चीनी का बूरा, मेहंदी, महावर, सिंदूर, कंघा, बिंदी, चुनरी, चूड़ी, बिछुआ, गौरी बनाने के लिए पीली मिट्टी, लड़की का आसान, छलनी, आठ पूरियों की अठावरी, हलुआ और कुछ पैसे होने चाहिए।

पूजा करने की विधि

– करवा चौथ के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लेना चाहिए।
– इसके बाद व्रत का संकल्प लें और इन मंत्रों का जप करें…
‘मम सुखसौभाग्य पुत्रपौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये’
– सूर्यादय से पहले सरगी ग्रहण कर लें और फिर पूरे दिन बिना खाएं और पीए रहें।
– गेरू से दीवार पर आप फलक बनाएं और चावल के घोल से फलक पर करवा का चित्र बनाएं।
– इस दौरान आठ पूरियों की अठावरी बनाएं। मीठे में खीर या हल्वा बन सकती हैं।
– पीली मिट्ठी या गोबरा का इस्तेमाल करते हुए मां पार्वती की प्रतिमा बनाएं।
– प्रतिमा को लकड़ी के पटे पर बैठाकर मेहंदी, सिंदूर, कंघा आदि सिंगर की साम्रगी चढ़ाएं।
– पानी से भर हुआ लोट पास में रख लें और करवा में गेहूं और ढक्कन में बुरा रख दें।
– रोली की मदद से करवा पर स्वास्तिक का आकार बनाएं।
– मां गौरी-भगवान गणेश और करवा की पूजा करें।
– पति की लंबी उम्र के लिए इस मंत्र का जाप करें…
‘ऊॅ नम: शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभाम। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे’
– कथा सुनते वक्त करवा पर 13 बिंदी और हाथ में गेंहू या चावल के 13 दाने रखें।
– इसके पानी का लोटा और 13 दाने गेहूं के अलग से रख लें।
– चांद निकलने के बाद छलनी से अपने पति और चांद को देखें। पति की लंबी उम्र की कामना करें।
– इसके बाद पति को प्रणाम करके आशीर्वाद लें और उनके हाथों से ही पानी पीएं।
– इस तरह से आपकी करवा चौथ की पूजा सफल हो जाएगी।

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