फिल्मों से लेकर समाजवाद की राह और फिर भाजपा में शामिल होने तक, कुछ ऐसा रहा है जया प्रदा का सफर

बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय फिल्मों में अपनी एक्टिंग लोहा मनवा चुकीं एक्ट्रेस जया प्रदा आज भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गई हैं। इससे पहले वह राष्ट्रीय लोक दल, समाजवादी पार्टी और तेलुगु देशम पार्टी की सदस्य भी रह चुकी हैं।

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फिल्मों से लेकर समाजवाद की राह और फिर भाजपा में शामिल होने तक, कुछ ऐसा रहा है जया प्रदा का सफर
जया प्रदा फिल्मों से लेकर रानजीतिक तक का सफर। (फोटोः इंस्टाग्राम/क्रिएटिव)

बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय फिल्मों में अपनी एक्टिंग लोहा मनवा चुकीं एक्ट्रेस जया प्रदा आज भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गई हैं। इससे पहले वह राष्ट्रीय लोक दल, समाजवादी पार्टी और तेलुगु देशम पार्टी की सदस्य भी रह चुकी हैं। वह दो बार उत्तर प्रदेश की रामपुर लोकसभा सीट से सांसद भी बनीं है। लेकिन जया प्रदा के राजनीतिक सफर इतना आसान नहीं रहा है। फिल्मों के जरिए उन्होंने पहले अपना एक मुकाम स्थापित किया उसके बाद उन्होंने 1994 में राजनीति की दुनिया में कदम रखा। बॉलीवुड में उन्होंने 1979 में फिल्म सरगम से डेब्यू किया था, इससे पहले उन्होंने तेलुगु फिल्म ‘भूमि कोसम’ से 1974 में डेब्यू किया, जबकि तमिल फिल्म ‘मनमता लीलाई’ से तमिल फिल्मों में डेब्यू किया।

दक्षिण भारतीय भाषाओं की फिल्मों में अपनी पकड़ बनाने के बाद उन्होंने बॉलीवुड का रुख किया। 1979 में फिल्म ‘सरगम’ में ऋषि कपूर के साथ काम करने का मौका मिला। इस फिल्म ने दर्शकों को काफी प्रभावित किया और फिल्म का गाना ‘डफलीवाले डफली बजा’ लोगों की जुबां पर चढ़ गया। इसके बाद उन्होंने उस दौर के लगभग सभी बड़े स्टार के साथ काम किया। हिंदी सिनेमा में उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ सबसे ज्यादा फिल्में की। जिनमें आखिरी रास्ता, आज का अर्जुन और शराबी जैसी फिल्में शामिल रहीं। ये सभी फिल्में काफी हिट रहीं। जया प्रदा का स्टारडम लोगों के बीच काफी फैल गया था।

साल 1994 में तेलुगु देशम पार्टी में शामिल

इसके अलावा तमिल और तेलुगु फिल्मों के बड़े स्टार के साथ भी काम किया। साल 2013 में वह आखिरी बार फिल्म ‘रज्जो’ में दिखाई दी। साल 1994 में ‘खलनायक’ ‘इंसानियत’ और ‘चौराहा’ जैसी हिट फिल्में देने के दौरान उन्होंने अपने गृहराज्य आंध्रप्रदेश में स्थापित तेलुगु देशम पार्टी में शामिल हुईं। उनके शामिल होने के बाद जब तेलुगु देशम पार्टी के संस्थापक एनटी रामाराव के बीमार होने के बाद जब पार्टी के कई बड़े नेता चंद्रबाबू नायडू के साथ बगावत कर गए तो जया प्रदा भी उनके साथ थीं। इस पार्टी के साथ 10 साल तक यानि 2004 तक जुड़ी रहीं। जया प्रदा चंद्रबाबू नायडू के साथ ज्यादा समय तक पार्टी का साथ नहीं दे पाईं। साल 2004 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव और कद्दावर नेता आजम खान ने उन्हें उत्तर प्रदेश के रामपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया। इस चुनाव में उनकी जीत हुई। उन्होंने लगभग 85 हजार मतों से अपने विपक्षी उम्मीदवार को हरा दिया।

यहां देखिए जया प्रदा का इंस्टाग्राम पोस्ट…

सपा नेता आजम खान से हुआ टकराव

साल 2004 का लोकसभा चुनाव जीतने के बाद जब संसद में पहुंची तो आजम खान और उनके बीच दूरियां बढ़ने लगी और टकराव होने लगे। साल 2009 के लोकसभा चुनाव आते-आते दोनों एक-दूसरे के खिलाफ पब्लिक रैलियों में भी बोलने लगे। पूरे रामपुर और आसपास के शहरों में जया प्रदा की मोर्फ्ड तस्वीरें और वीडियो सीडी फैलने लगी। इस दौरान जया प्रदा ने आजम खान पर इन तस्वीरों को मोर्फ करने और इन्हें फैलाने के आरोप लगाए। हालांकि आजम खान इन आरोपों को खारिज कर दिया। जया प्रदा और आजम खान के रिश्तों के बीच इतनी खटास आ गई थी कि लोकसभा चुनाव 2009 के दौरान आजम खान के समर्थकों ने अपनी पार्टी की नेता और प्रत्याशी होने के बावजूद जया प्रदा के खिलाफ चुनाव प्रचार किया। लेकिन जया प्रदा को इस चुनाव में भी 30 हजार वोटों से जीत मिली। जया प्रदा दूसरी बार एक ही पार्टी से संसद पहुंची।

समाजवादी पार्टी से निकाला और राष्ट्रीय लोक मंच का गठन

जया प्रदा संसद तो पहुंच गई लेकिन उनकी पार्टी के लोगों ने ही उनका विरोध करना शुरू कर दिया। जया प्रदा ने भी आजम खान पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाना शुरू कर दिया। आजम खान के खिलाफ खुले आम बोलने लगी। जिसके बाद पार्टी ने उन्हें फरवरी 2010 में पार्टी से निकाल दिया। उन पर गैर-पार्टी गतिविधियां करने का आरोप लगाया गया। जया प्रदा ने समाजवादी पार्टी और मुलायम सिंह यादव के करीबी और खास कहे जाने वाले अमर सिंह के साथ मिलकर साल 2011 में अपनी राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय लोक मंच का गठन किया। लेकिन कुछ खास रिस्पांस नहीं मिलने की वजह से उन्होंने इस पार्टी को छोड़ दिया और राष्ट्रीय लोक दल में शामिल हो गईं। और इसी पार्टी से उत्तर प्रदेश की बिजनौर सीट लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन हार गई हैं। अब वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गई हैं।

फिल्म प्रोड्यूसर से की शादी

आपको बता दें कि जया प्रदा ने साल 1986 में प्रोड्यूसर श्रीकांत नहाटा से शादी की। जिसके पहले से ही शादीशुदा थे और उनके तीन बच्चे थे। श्रीकांत ने अपनी पहली पत्नी को तलाक भी नहीं दिया था और तीन बच्चों के होने बावजूद जया से शादी प्रदा से शादी की।

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Story Author: रमेश कुमार

रमेश कुमार
जाकिर हुसैन कॉलेज (डीयू) से बीए (हॉनर्स) पॉलिटिकल साइंस में डिग्री लेने के बाद रामजस कॉलेज में दाखिला लिया और डिपार्टमेंट ऑफ पॉलिटकल साइंस में पढ़ाई की। इसके बाद आईआईएमसी दिल्ली।

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